ताजा खबर

ऑस्ट्रेलिया का चर्चित टोयाह कॉर्डिंग्ले मर्डर केस, 7 साल बाद भारतीय शख्स दोषी करार

Photo Source :

Posted On:Monday, December 8, 2025

ऑस्ट्रेलिया में 7 साल पहले हुए एक जघन्य हत्याकांड के मामले में एक भारतीय शख्स रजविंदर सिंह को दोषी ठहराया गया है। यह मामला 24 वर्षीय टोयाह कॉर्डिंग्ले की हत्या से जुड़ा है, जिनका शव अक्टूबर 2018 में ऑस्ट्रेलिया के वांगेटी बीच पर रेत में आधा दबा हुआ मिला था। नॉर्थ क्वींसलैंड का यह बीच केर्न्स और पोर्ट डगलस के बीच एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।

जघन्य हत्या और फरार आरोपी

कोर्ट में सुनवाई के दौरान खुलासा हुआ कि कॉर्डिंग्ले के शरीर पर 26 बार चाकू से वार किया गया था और उनका गला भी काटा गया था। उनकी हत्या को लेकर क्वींसलैंड में बड़े पैमाने पर दुख और आक्रोश देखने को मिला था, क्योंकि कॉर्डिंग्ले एक हेल्थ स्टोर वर्कर और एनिमल शेल्टर वालंटियर होने के कारण लोकल कम्युनिटी में काफी लोकप्रिय थीं।

वारदात के बाद 41 वर्षीय रजविंदर सिंह तुरंत ऑस्ट्रेलिया से फरार हो गया था और उसने लगभग 4 साल भारत में बिताए। उसे 2022 में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

  • मूल स्थान: रजविंदर सिंह मूल रूप से पंजाब के निवासी हैं, और हत्या के समय इनिसफेल में रह रहे थे, जो वारदात वाली जगह से करीब दो घंटे दक्षिण में है।

  • फरारी: पुलिस ने तुरंत उसे संदिग्ध माना, लेकिन वह अपनी पत्नी, तीन बच्चों और माता-पिता को छोड़कर पहले ही देश से बाहर भाग चुका था।

  • प्रत्यर्पण: उसे 4 साल बाद दिल्ली से गिरफ्तार किया गया और 2023 में ऑस्ट्रेलिया प्रत्यर्पित किया गया।

दो ट्रायल के बाद आया फैसला

केर्न्स सुप्रीम कोर्ट में एक महीने तक चले ट्रायल के बाद रजविंदर सिंह को हत्या का दोषी ठहराया गया है। यह रजविंदर के खिलाफ दूसरा ट्रायल था। इससे पहले मार्च में भी ट्रायल चला था, लेकिन ज्यूरी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई थी।

सुनवाई के दौरान अदालत ने बताया कि कॉर्डिंग्ले को बार-बार किसी नुकीली चीज से मारा गया और फिर उन्हें एक रेत की कब्र में डाल दिया गया, जहां उनके बचने की कोई उम्मीद नहीं थी।

निर्णायक सबूत

कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने कई महत्वपूर्ण सबूत पेश किए, जिन्होंने रजविंदर सिंह को दोषी ठहराने में निर्णायक भूमिका निभाई:

  1. DNA साक्ष्य: घटनास्थल से मिली एक छड़ी पर रजविंदर का DNA सैंपल मिला था।

  2. फ़ोन/GPS डेटा: जांच में पता चला कि हमले के बाद कॉर्डिंग्ले का फोन और रजविंदर की कार की लोकेशन एक-दूसरे से मेल खा रही थीं। इससे यह साबित हुआ कि कॉर्डिंग्ले का फोन हमलावर की कार में ही मौजूद था।

  3. CCTV/ट्रैफ़िक फ़ुटेज: सीसीटीवी और ट्रैफिक कैमरे के फुटेज से रजविंदर की कार की मूवमेंट घटनास्थल के आसपास दिखाई दी थी।


ऑस्ट्रेलिया का चर्चित टोयाह कॉर्डिंग्ले मर्डर केस, 7 साल बाद भारतीय शख्स दोषी करार

Photo Source :

Posted On:Monday, December 8, 2025

ऑस्ट्रेलिया में 7 साल पहले हुए एक जघन्य हत्याकांड के मामले में एक भारतीय शख्स रजविंदर सिंह को दोषी ठहराया गया है। यह मामला 24 वर्षीय टोयाह कॉर्डिंग्ले की हत्या से जुड़ा है, जिनका शव अक्टूबर 2018 में ऑस्ट्रेलिया के वांगेटी बीच पर रेत में आधा दबा हुआ मिला था। नॉर्थ क्वींसलैंड का यह बीच केर्न्स और पोर्ट डगलस के बीच एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।

जघन्य हत्या और फरार आरोपी

कोर्ट में सुनवाई के दौरान खुलासा हुआ कि कॉर्डिंग्ले के शरीर पर 26 बार चाकू से वार किया गया था और उनका गला भी काटा गया था। उनकी हत्या को लेकर क्वींसलैंड में बड़े पैमाने पर दुख और आक्रोश देखने को मिला था, क्योंकि कॉर्डिंग्ले एक हेल्थ स्टोर वर्कर और एनिमल शेल्टर वालंटियर होने के कारण लोकल कम्युनिटी में काफी लोकप्रिय थीं।

वारदात के बाद 41 वर्षीय रजविंदर सिंह तुरंत ऑस्ट्रेलिया से फरार हो गया था और उसने लगभग 4 साल भारत में बिताए। उसे 2022 में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

  • मूल स्थान: रजविंदर सिंह मूल रूप से पंजाब के निवासी हैं, और हत्या के समय इनिसफेल में रह रहे थे, जो वारदात वाली जगह से करीब दो घंटे दक्षिण में है।

  • फरारी: पुलिस ने तुरंत उसे संदिग्ध माना, लेकिन वह अपनी पत्नी, तीन बच्चों और माता-पिता को छोड़कर पहले ही देश से बाहर भाग चुका था।

  • प्रत्यर्पण: उसे 4 साल बाद दिल्ली से गिरफ्तार किया गया और 2023 में ऑस्ट्रेलिया प्रत्यर्पित किया गया।

दो ट्रायल के बाद आया फैसला

केर्न्स सुप्रीम कोर्ट में एक महीने तक चले ट्रायल के बाद रजविंदर सिंह को हत्या का दोषी ठहराया गया है। यह रजविंदर के खिलाफ दूसरा ट्रायल था। इससे पहले मार्च में भी ट्रायल चला था, लेकिन ज्यूरी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई थी।

सुनवाई के दौरान अदालत ने बताया कि कॉर्डिंग्ले को बार-बार किसी नुकीली चीज से मारा गया और फिर उन्हें एक रेत की कब्र में डाल दिया गया, जहां उनके बचने की कोई उम्मीद नहीं थी।

निर्णायक सबूत

कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने कई महत्वपूर्ण सबूत पेश किए, जिन्होंने रजविंदर सिंह को दोषी ठहराने में निर्णायक भूमिका निभाई:

  1. DNA साक्ष्य: घटनास्थल से मिली एक छड़ी पर रजविंदर का DNA सैंपल मिला था।

  2. फ़ोन/GPS डेटा: जांच में पता चला कि हमले के बाद कॉर्डिंग्ले का फोन और रजविंदर की कार की लोकेशन एक-दूसरे से मेल खा रही थीं। इससे यह साबित हुआ कि कॉर्डिंग्ले का फोन हमलावर की कार में ही मौजूद था।

  3. CCTV/ट्रैफ़िक फ़ुटेज: सीसीटीवी और ट्रैफिक कैमरे के फुटेज से रजविंदर की कार की मूवमेंट घटनास्थल के आसपास दिखाई दी थी।


रायपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. raipurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.