होलिका दहन की पूजा कैसे करें?
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होलिका दहन की पूजा कैसे करें?
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होलिका दहन की पूजा करने से पहले एक साफ और स्वच्छ स्थान का चुनाव करें। इसके बाद साफ लोटे में गंगाजल लें। गंगाजल का छिड़काव उस स्थान पर करें। ऐसा करने से होलिका दहन की पूजा करने का स्थान पवित्र हो जाता है।
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होलिका दहन की पूजा करने से पहले एक साफ और स्वच्छ स्थान का चुनाव करें। इसके बाद साफ लोटे में गंगाजल लें। गंगाजल का छिड़काव उस स्थान पर करें। ऐसा करने से होलिका दहन की पूजा करने का स्थान पवित्र हो जाता है।
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होलिका दहन की पूजा करने की दिशा का खास महत्व होता है। सही दिशा में मुंह करके ही पूजा करना चाहिए। ऐसे में होलिका दहन की पूजा करने के लिए उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठना चाहिए।
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होलिका दहन की पूजा करने की दिशा का खास महत्व होता है। सही दिशा में मुंह करके ही पूजा करना चाहिए। ऐसे में होलिका दहन की पूजा करने के लिए उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठना चाहिए।
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अब होलिका और प्रहलाद की मूर्ति की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए आप गाय के पवित्र गोबर का इस्तेमाल कर सकते हैं। गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की मूर्ति बना लें।
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अब होलिका और प्रहलाद की मूर्ति की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए आप गाय के पवित्र गोबर का इस्तेमाल कर सकते हैं। गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की मूर्ति बना लें।
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होलिका की पूजा करने के लिए विशेष पूजा सामग्री की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में एक साफ थाली में रोली, फूल, नारियल, अक्षत, साबुत हल्दी, बताशा, कच्चा सूत, फल और एक लोटा जल की आवश्यकता पड़ेगी।
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होलिका की पूजा करने के लिए विशेष पूजा सामग्री की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में एक साफ थाली में रोली, फूल, नारियल, अक्षत, साबुत हल्दी, बताशा, कच्चा सूत, फल और एक लोटा जल की आवश्यकता पड़ेगी।
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सबसे पहले आप होलिका और प्रहलाद जी की मूर्ति पर जल से स्नान कराएं। इसके बाद रोली से तिलक लगाएं। अब फूल और कच्चा सूत अर्पण करें और ध्यान करें।
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सबसे पहले आप होलिका और प्रहलाद जी की मूर्ति पर जल से स्नान कराएं। इसके बाद रोली से तिलक लगाएं। अब फूल और कच्चा सूत अर्पण करें और ध्यान करें।
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होलिका और प्रहलाद जी को भोग लगाने के लिए बताशा और फल को अर्पित करें। इसके बाद हल्दी को भी चढ़ाएं। अब अक्षत को दाहिने हाथ में लें और मंत्रों का जाप करते हुए छिड़कें।
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होलिका और प्रहलाद जी को भोग लगाने के लिए बताशा और फल को अर्पित करें। इसके बाद हल्दी को भी चढ़ाएं। अब अक्षत को दाहिने हाथ में लें और मंत्रों का जाप करते हुए छिड़कें।
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अब होलिका का अग्नि को प्रज्वलित करें और उसमें नारियल को डालकर 7 बार परिक्रमा करें। परिक्रमा करते हुए अपने अपने और अपने परिवार के प्रसन्नता और सुख शांति के लिए प्रार्थना करें।
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अब होलिका का अग्नि को प्रज्वलित करें और उसमें नारियल को डालकर 7 बार परिक्रमा करें। परिक्रमा करते हुए अपने अपने और अपने परिवार के प्रसन्नता और सुख शांति के लिए प्रार्थना करें।
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